होने को थे तारे बहुत अँधेरे में भी
बस आसमान नहीं दिखा उस रात को ही।
कहते थे जिन्हें अपना वो हर पल
आज उनसे मिलने पर भी डरते हैं ।
खो दिए उन यारों को अपने हमने भी
बेगानो की महफ़िल में खुश रहते हैं आज यूँ ही ।
उस वक़्त को याद करते है खूब पर रोज़ अब
कल के भूले आते नहीं है घर कभी ।
बस आसमान नहीं दिखा उस रात को ही।
कहते थे जिन्हें अपना वो हर पल
आज उनसे मिलने पर भी डरते हैं ।
खो दिए उन यारों को अपने हमने भी
बेगानो की महफ़िल में खुश रहते हैं आज यूँ ही ।
उस वक़्त को याद करते है खूब पर रोज़ अब
कल के भूले आते नहीं है घर कभी ।
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